चींटी की मेहनत – हिंदी मोटिवेशनल कहानी

चींटी की मेहनत – हिंदी मोटिवेशनल कहानी 

एक बार की बात है एक टिड्डी थी जो की एक लापरवाह जीवन जी रही थी । वो अपना सारा समय धुप में बैठ के आनंद लेने में बिताती  थी | जब मन होता खाती  | जब मन होता सोती | उसके पास  दुनिया में करने के लिए कोई काम नहीं था सिवाय आराम के |

एक दिन ऐसे ही वो धुप में बैठ के आराम कर रही थी तो उसने एक चींटी को एक छोटे से रोटी के टुकड़े खींचने की कोशिश करते हुए देखा । टिड्डी ने पूछा, हे चीटी ! क्या कर रहे हो  “, चींटी ने जवाब दिया,” मैं सर्दियों के लिए भोजन जमा कर रही हूं, अभी मौसम गर्म है एक बार सर्दियों सुरु हो जाये तो  मैं घर पर रहना और आनंद लेना चाहती हूं और उसी समय के लिए भोजन के अपने स्टॉक जमा कर रही हूँ । ”

टिड्डी मन ही मन उसपे हंसी  और कहा, “ऐसे उबाऊ काम के लिए अभी तो  पर्याप्त समय है। अभी तुम्हे मेरे जैसे मजा करने के लिए कुछ समय निकलना चाहिए । चींटी ने टिड्डी को समझाने की कोशिश की कि उसे समय बर्बाद नहीं करना चाहिए इसके बजाय उसे भी काम करना चाहिए | लेकिन टिड्डी ने चींटी की बात नहीं सुनी।

फिर धीरे धीरे जल्द ही गर्मिया  गुजर जाती है और सर्दियों का मौसम आ जाता है । जैसे-जैसे मौसम ठंडा होता है, सारे जीव जंतु अपने अपने बिल में चले जाते है | टिड्डी  के लिए भी बहार निकलना मुस्किल हो जाता है परन्तु जल्द ही उसे भूख लगना शुरू हो जाता है । उसने कुछ खाना खोजने के लिए बहादुर बनने का फैसला किया। जब वह बाहर निकली तो सब कुछ बर्फ भरा था और उसको खाने के लिए कुछ भी नहीं मिल सका। वह हर रोज भोजन की खोज करती  रही  लेकिन कुछ भी नहीं मिल सका। अंत में, एक दिन कमजोर होकर वो भूख से मर गयी ।

वहीँ दूसरी तरफ चींटी अपनी कमजोरी और अपनी ताकत जानती थी  | साथ ही उसको समय की परवाह भी थी | उसने धीरे धीरे अपने लिए इतना खाना इकठा कर लिया था की पूरी सर्दी आराम से घर में बैठ कर खा सकती  थी | चीटी ने न केवल समझदारी से अपने लिए भोजन इकठा किया बल्कि उसको देख देख के अन्य  चींटियों भी कड़ी मेहनत करनके अपने लिए भोजन इकठा कर चुकी थी ।

हमारे साथ भी तो अक्सर यही होता है दोस्तों , जब सब ठीक होता है तो हम बस आराम में लगे होते है | हमे भी आगे का सोच कर अपने आज में भी थोडा थोडा ही सही मेहनत करना चाहिए ताकि आगे जाकर हम अपना ख्याल रख सके |

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