दुष्कर्म  जैसे जघन्य  अपराध करने वाले किशोरों  पर भी वयश्कों की तरह मुकदमा चलाया जा सकेगा।  किशोर न्याय य(देखभाल और बाल संरक्षण) अिधिनयम2000में  बदलाव किये गए हैं | कानून में  बदलाव के बाद 18 वर्ष से कम और 16 वर्ष  से अिधक आयु के आरोपी भी वयवयस्क माने जाएंगे। उनके विरुद्ध भी वयस्कों  पर लगने वाली भारतीय