नयी नवेली वैश्विक ,बाजारीकृत और सोशल नेटवर्क से सजी-धजी भारतीय बाजार पर ,शायद बाजार और अर्थशास्त्र  के नियम काफी सटिकता से बैठ रहे हैं|”मांग और पूर्ति “का नियम हमारे नूतन बाजार को ना सिर्फ नचा रहे हैं वरन सबकी दुकानो को भी इन त्योहारों चाहे वो धार्मिक होया चुनाव सरीखा राजनितिक ,चकाचौध की बरसात करा