अपना कर्म करते रहो – बिना डर के आगे बढ़ते रहो – सबकुछ संभव है हमे अपना करते रहना चाहिए | बिना इस बात से डरे की आगे क्या होगा | हाँ ये जरुर होना चाहिए की कोई काम सुरु करने से पहले हमे सोच समझ लेना चाहिए की जो हम कर रहे है वो