शेल गैस Shale Gas

शेल उत्कृष्ट-रवेदार अवसादी चट्टानें (Fine-Grined Sedimentary Rocks) हैं जो पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस का समृद्ध स्रोत होने की क्षमता रखती हैं। शेल गैस को शेल निर्माणों (Shale Formation) से निर्मित प्राकृतिक गैस के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। दूसरे शब्दों में शेल प्राकृतिक गैस के स्रोत के रूप में भी काम करता है और भंडार (Reservoir) के रूप में भी। पुराने शेल गैस के कुअें उर्ध्वांधर (Vertical) रहे हैं जबकि नवीन कुएं मुख्यतया क्षैतिज (Horizontal) हैं और नवीन कुओं से शैल गैस को उत्पादित करने के लिए कृत्रिम उत्प्रेरण (Atrificial Stimulation) जैसे ‘हाइड्रालिक फ्रैकटरिंग’ (Hydraulic Fracturing) की आवश्यकता होती है। उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षों में क्षैतिज ड्रिलिंग (Horizontal Drilling) और हॉइड्रालिक फ्रैकटरिंग की तकनीकों ने शेल गैस के बड़े भंडारों तक पहुंच को संभव बनाया है।

 लाभ

शेल गैस से प्राप्त होने वाले मुख्य लाभ निम्नवत् हैंः

  • प्राकृतिक गैस के गैर परंपरागत स्वरूप के रूप में वृहद गैस उत्पादन में सहायक। ,
  • ऊर्जा का महत्त्वपूर्ण स्रोत और कम कार्बन उत्सर्जन में सहायक।
  • शेल गैस ‘स्वच्छ ऊर्जा विकल्प’ के रूप में प्रयुक्त हो सकते हैं। ऐसा कई विकासशील देशों की दृष्टि से आवश्यक भी है क्योकि वे कोयले पर अत्यधिक निर्भर हैं। उल्लेखनीय है कि ज्वलनशील गैस (Burning Gas) ज्वलनशील कोयले की तुलना में ज्यादा कम कार्बन डाई ऑक्साइड उत्पन्न करता है।
  • शेल गैस ऊर्जा लागतों (Energy Costs) में कमी लाने में सहायक हो सकता है।
  • भारी पैमाने पर शेल गैस उत्पादन प्राकृतिक गैस के मूल्यों में गिरावट का महत्त्वपूर्ण कारण बन सकता है।
  • यह ऊर्जा सुरक्षा का एक अच्छा माध्यम साबित हो सकता है क्योकि यह मंहगे विदेशी जीवाश्म ईंधनों पर से निर्भरता खत्म करने में सहायक हो सकता है।
  • शेल गैस के भारी पैमाने पर उत्पादन से रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिल सकता है।

 हानियाँ 

  • हॉइड्रालिक फ्रैक्टरिंग जैसी तकनीक भूकंपीय घटनाओं को बढ़ावा देने में सहायक हो सकती है।
  • ऐसी आशंका व्यक्त की जाती है कि शेल गैस के अन्वेषण के लिए कुओं की खुदाई हेतु प्रयुक्त तकनीकों आदि के चलते भूमिगत जल (Ground Water) के प्रदूषित होने की समस्या बढ़ सकती है।
  • स्वच्छ ऊर्जा का स्रोत होने के बावजूद शेल गैस कार्बन उत्सर्जन की एक अच्छी खासी मात्रा के लिए जिम्मेदार बना रहेगा। हाल ही में ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन पर ब्रिटिश पेट्रोलियम (BP) द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि शेल गैस के प्रयोग में अत्यधिक वृद्धि होने के बावजूद ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में वृद्धि जारी रहेगी।
  • पर्यावरणीय दृष्टि से शेल गैस नवीनकरणीय ऊर्जा स्रोतों (Renewable Energy Sources) की तुलना में कम स्वीकार्य है।
  • जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने में दीर्घकालिक स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग ही सक्षम है। चूंकि शेल गैस को सबसे सस्ते ऊर्जा विकल्पों के रूप में भी देखा जा रहा है। यह भी सतत ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं है।
  • शेल गैस के कुओं से मीथेन के संभावित रिसाव के चलते यह पर्यावरणीय जोखिम उत्पन्न करने का आधार बन सकता है। इस पर्यावरणीय जोखिम के चलते कार्बन डाई ऑक्साइड कटौती प्रयासों के मार्ग में अवरोध पैदा हो सकता है।
  • शेल गैस उद्योग का बढ़ता विकास नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग के विकास को धीमा कर सकता है।

 

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