आप कौन है ! Hindi Motivational Story

आप कौन है ! Hindi Motivational Story
दोस्तों , जीवन में कई परिस्थितियाँ आती है | कई बार परिस्थितियाँ हमारे साथ होती हैं, लेकिन कई बार हम ऐसी परिस्थिति में होते है, जब सब कुछ हमारे जीवन में उलट पुलट ही रहता है | लेकिन परिथिति कैसी भी हो, हम उससे उबर सकते है | इसके लिए कोई rocket science नहीं चाहिए | बिपरीत परिथिति में केवल एक चीज जो वास्तव में मायने रखती है वो ये है कि आप इस पर प्रतिक्रिया कैसे करते है |

अगर हम बिपरीत परिथिति में भी पॉजिटिव ( positive ) रहेंगे तो , धीरे धीरे सब कुछ सही होने लगता है और यकीन मानिये जब बुरे स्थति को हम अपने प्रयास और संघर्ष से सकारात्मक परिथिति में बदल सकते है और किसी भी समय हम अपने अन्दर संतुलन का ही अनुभव करेंगे ।  इसलिए प्रत्येक स्थिति में हमें नई चीजें सीखने के लिए तैयार रहना चाहिए । एक छोटी सी कहानी पढ़ी थी मैने जो की काफी मोटिवेशनल ( Motivational ) है | आप दोस्तों के लिए पोस्ट कर रहा हूँ | शायद किन्ही के काम आ जाएँ |

यह एक पिता और उनकी बेटी की कहानी है | इस कहानी में पिता अपनी बेटी को सिखाते हैं कि कैसे किसी भी स्थिति में खुद को संभालना है और प्रत्येक स्थिति से कुछ सीखना चाहिए ।

 

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पिता एक रिटायर आर्मी ऑफिसर होते है और उनकी बेटी एक प्राइवेट कंपनी में काम करती रहती है | बेटी ने एक दिन उसके पिता को शिकायत की,   कि उसका जीवन अच्छा नहीं रहा है | वो अपने आपको को हारा हुआ महसूस करती है | वह किसी भी कार्य को करने के लिए बहुत प्रयास करती है पर अगले ही दिन फिर कोई ऐसी परिथिति आ जाती है की वह परेशान हो जाती है | वह हर समय लड़ने और संघर्ष करने से थक गयी है । जैसे ही लगता है की एक समस्या हल हो गई है की एक और परेशानी सामने आ जाती है |

उसके पिता उसे ध्यान से सुनते हैं और सुनने के बाद उसे उसे रसोईघर में  साथ आने के लिए कहते है । उन्होंने एक बर्तन में आलू रखा, दूसरे बर्तन में अंडे और तीसरे बर्तन में की कॉफी बीन्स लीं । फिर उन्होंने तीनो बर्तन में पानी भरे और प्रत्येक को चूल्हे पर रखा। बेटी बिना कुछ कहें ये सब  बेसब्री से देख रही थी | बीस मिनट के बाद पिता ने बर्नर बंद कर दिया और उन्होंने आलू को बर्तन से बाहर निकालकर एक कटोरे में रखा। अब उन्होंने अंडे निकाले और एक कटोरे में रखा फिर उन्होंने कॉफी को बाहर निकाल कर उसे एक कप में रखा।

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पिताजी फिर बेटी से पूछते हैं, “आप क्या देख रही हैं?” उसने उत्तर दिया, “आलू, अंडे और कॉफी,” पिताजी ने उसे उससे करीब से देखने और आलू को छूने के लिए कहा। उसने देखा कि वे नरम थे। फिर उन्होंने उसे अंडे लेने और उसे तोड़ने के लिए कहा। खोल को खींचने के बाद, उसने कड़ी  (Hard ) उबले अंडा को देखा। आखिर में, उसने कॉफी को घिसने और सूंघने के लिए कहा। काफी की खुशबू से बेटी के चेहरे पर एक मुस्कुराहट आती है।

लेकिन बेटी समझ नहीं पा रही थी कि वह यह सब क्यों कर रहे  है। पिता ने समझाया कि आलू, अंडे और कॉफी बीन्स में प्रत्येक को एक ही स्थिति का सामना करना पड़ा मतलब उबलते पानी का , लेकिन तीनो चीजो ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी । आलू हमेशा मजबूत और कड़ा होता है लेकिन उबलते हुए पानी ने इसे नरम और कमजोर बना देता है। अंडा नाजुक था, पतली बाहरी झिल्ली के अन्दर तरल भडा होता है परन्तु गर्म पानी में आकर ये कड़ा और मजबूत हो गया | कॉफी बीन्स  सीधे से थे पर उबलते पानी के संपर्क में आने के बाद उन्होंने पानी बदल दिया और कुछ नया बनाया।
अब उन्होंने बेटी से पुछा अब तुम बतावो तुम इन तीनो में से कौन हो ? उन्होंने अपनी बेटी से कहा  जब विपत्ति आपके दरवाजे पर दस्तक देती है, तो आप उसका सामना केसे करते है ! आलू की तरह , अंडा के तरह या कॉफी बीन्स की तरह !
लड़की को पता चल जाता है कि उसके पिता क्या दिखाना और समझाना चाहते हैं। वो समझ गयी और अपने पिता से कहा कि अब मुझे समझ आ गया की “ प्रत्येक स्थिति को अलग तरह से सामना करना चाहिए “। सभी स्थितियां समान नहीं होती है | इसलिए हमे भी आलू, अंडे और काफी की तरह होना चाहिए | जेसे परिथिति वेसी ही हमे उसका सामना करना चाहिए | कभी काफी कठोर होकर , कभी मुलायम होकर तो कभी काफी की तरह प्यार और खुशबूदार होकर |

हमे भी दोस्तों कैसी भी स्थिति हो कैसा भी समय हो | अपने आपको positive और संभालकर उसका मुकाबला करना चाहिए |

 

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